बच्चों के लिए ओट्स के फायदे व बनाने की विधि | Baccho Ke Liye Oats Kaise Banaye

Baccho Ke Liye Oats Kaise Banaye
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बच्चों के स्वास्थ्य व उसकी तंदुरुस्ती के लिए माता-पिता उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देते हैं। इस चक्कर में कई बार मां-बाप बच्चों को कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ खिलाने लगते हैं, जिनके बारे में उन्हें पूरी जानकारी भी नहीं होती है। मॉमजंक्शन के इस लेख में हम ऐसे ही एक खाद्य पदार्थ के बारे में आपको जानकारी देंगे, जिसका नाम ओट्स है। इस लेख के जरिए हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि बच्चों की सेहत के लिए ओट्स फायदेमंद हैं या नहीं। साथ ही यह जानने का भी प्रयास करेंगे कि क्या इससे कोई नुकसान भी हो सकता है। वहीं, अंत में हम कुछ मजेदार रेसिपी भी आपके साथ शेयर करेंगे।

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि ओट्स कहते किसी हैं।

ओट्स क्या हैं? | Oats Kya Hota Hai

ओट्स का वैज्ञानिक नाम एवेंना सैटिवा (Avena sativa) है। यह एक प्रकार का अनाज है, जिसे पोएसी नामक घास से प्राप्त किया जाता है। ओट्स में मौजूद पोषक तत्वों को स्वास्थ्य लाभ के लिए सबसे उपयोगी माना जाता है। ओट्स में फाइबर की मात्रा पाई जाती है। ओट्स का सेवन वजन घटाने और भूख को नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। ओट्स में जिंक, फास्फोरस, थायमिन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं (1), (2)

आइए, अब जानते हैं कि ओट्स बच्चों के लिए फायदेमंद है या नहीं।

क्या ओट्स बच्चों के लिए अच्छे हैं?

हां, ओट्स का सेवन बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि ओट्स में कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं (3)। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 2-18 वर्ष तक के बच्चों को ओट्स का सेवन कराया जा सकता है। इससे उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे उन्हें मोटापे व अन्य बीमारियों से बचाए रखने में मदद मिल सकती है (4)। वहीं, अगर बात करें 6 से 12 माह तक के शिशु की, तो उसे भी ओट्स खिलाए जा सकते हैं, लेकिन इस संबंध में वैज्ञानिक प्रमाण कम उपलब्ध हैं (5)

लेख के अगले भाग में जानिए कि आपका शिशु ओट्स का सेवन कब कर सकता है ?

आपका शिशु कब ओट्स खाना शुरू कर सकता है?

आपके बच्चे को सही उम्र में पहुंचने पर ही ओट्स का सेवन कराना चाहिए। जैसा कि आपको ऊपर बताया जा चुका है कि ओट्स एक प्रकार का अनाज है। इसलिए, 6 माह व उससे अधिक की उम्र के शिशु को ओट्स का सेवन कराया जा सकता है (6)

लेख के इस भाग में जानिए कि बच्चे को दिनभर में कितनी बार ओट्स खिला सकते हैं।

मुझे अपने बच्चे को कितनी बार ओट्स खिलाना चाहिए?

यह जानना बेहद आवश्यक है। दरअसल, ओट्स एक ग्रेन फूड की श्रेणी में आता है (7)। विशेषज्ञों द्वारा जारी किए गए एक रिसर्च के अनुसार, बच्चों को आप दिन में करीब 3 बार ओट्स का सेवन करा सकते हैं (8)। साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि शिशु को दिनभर में 4-5 चम्मच और बच्चों को 20-25 ग्राम की मात्रा में ओट्स का सेवन करवाना सुरक्षित हो सकता है (5) (9)

नोट: हर बच्चे की खाने की क्षमता अलग-अलग होती है। इसलिए, आप एक बार योग्य आहार विशेषज्ञ से भी इस बारे में पूछ सकते हैं।

आइए, अब जानते हैं कि ओट्स बच्चों को स्वास्थ्य लाभ कैसे पहुंचा सकता है।

बच्चों के लिए ओट्स के स्वास्थ्य लाभ

बच्चों के लिए ओट्स निम्लिखित प्रकार से फायदेमंद हो सकता है।

  • ओट्स में फाइबर की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन करने से बच्च कब्ज की समस्या से दूर रहता है (3) (10)
  • ओट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट (कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से बचाने का गुण), एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजन को कम करने का गुण), इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का गुण) और घाव भरने के भी गुण पाए जाते हैं। ये गुण विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से आपके बच्चे को बचाए रखने का काम कर सकते हैं (11)
  • यदि कोई बच्चा डायरिया से पीड़ित है, तो उसे ओट्स का सेवन डायरिया के जोखिम को कम करने के लिए काफी हद तक फायदा पहुंचा सकता है (12)
  • बेहतर रेड ब्लड सेल्स के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ओट्स का सेवन कराया जा सकता है। इस मामले में ओट्स में मौजूद विटामिन-ई अपना काम करते हैं (13)

आइए, अब लेख के इस भाग में जानते हैं कि ओट्स में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।

ओट्स का पोषण मूल्य

ओट्स में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानने के लिए आप इस टेबल को देख सकते हैं (3)

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 8.22g
ऊर्जा 389kcal
प्रोटीन 16.89g
टोटल लिपिड 6.9g
ऐश 1.72g
कार्बोहाइड्रेट 66.27g
फाइबर 10.6g
कैल्शियम 54mg
आयरन 4.72g
मैग्नीशियम 177mg
फास्फोरस 523mg
पोटैशियम 429mg
सोडियम 2mg
जिंक 3.97mg
कॉपर 0.626mg
मैंगनीज 4.916mg
थायमिन 0.763mg
राइबोफ्लेविन 0.139mg
नियासिन 0.961mg
पैंटोथेनिक एसिड 1.349mg
विटामिन-बी6 0.119mg
फोलेट टोटल 56μg
फोलेट, फूड 56μg
फोलेट, डीएफई 56μg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 1.217g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 2.178g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 2.535g

आइए, अब लेख के अगले भाग में जानते हैं कि आपके बच्चे के लिए किस प्रकार के ओट्स अच्छे हो सकते हैं।

मेरे बच्चे के लिए ओट्स का सबसे अच्छा प्रकार कौन-सा है?

यह जानना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि बाजार में कई प्रकार के ओट्स पाए जाते हैं, जो बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए, अपने बच्चे को आप ऐसे ओट्स का सेवन करवा सकते हैं, जो पूर्ण रूप से शुद्ध होते हैं और जिनमें शुगर की मात्रा न के बराबर होती है (14)। नीचे हम ओट्स के कुछ प्रकार बता रहे हैं, जिनका सेवन बच्चों को कराया जा सकता है ।

स्टील-कट ओट्स :

steel cut oats

ये ओट्स छोटे-छोटे टुकड़ों में कटे होते हैं। ये ओट्स कठोर व दानेदार होते हैं। साथ ही खाने में कुरकुरे होते हैं, जिस कारण इन्हें चबाकर खाने की आवश्यकता होती है। इसे पकाने में 10-15 मिनट का समय लग सकता है।

रोल्ड ओट्स :

Rolled Oats2

इन ओट्स को पतले भागों में कटा जाता है। ये दानेदार होते हैं और इनका स्वाद क्रीम जैसा होता है। ये ओट्स खाने में मुलायम होते हैं और इन्हें चबाकर भी खाया जा सकता है। इन्हें पकाने में 7-10 मिनट का समय लग सकता है।

ओल्ड फैशंड रोल ओट्स :

Rolled Oats

इन ओट्स को भाप के जरिए तैयार किया जाता है। ये ओट्स मलाईदार, मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं। इसे पकाने में 5-7 मिनट का समय लग सकता है।

लेख के इस भाग में ओट्स के सेवन से बच्चों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा।

क्या बच्चों के लिए ओट्स के कुछ नुकसान भी हैं?

ओट्स खाने से निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं, जिनके बारे में आपको नीचे जानकारी दी जा रही है।

  • ओट्स में फाइबर की मात्रा पाई जाती है, जिसका अधिक रूप से किया गया सेवन बच्चों के पेट में ऐंठन, पेट फूलना और सूजन आदि की समस्या हो सकती है (3), (15)। 1-3 साल तक के बच्चों को एक दिन में करीब 14 ग्राम और 4-8 साल तक के बच्चों को करीब 18 ग्राम फाइबर की मात्रा का ही सेवन करना चाहिए (15)
  • अगर बच्चे को एक्जिमा (त्वचा पर लाल रंग के साथ सूजन और खुजली की समस्या) है, तो ओट्स का सेवन उसे एलर्जी हो सकती है (16)

अब लेख के अगले भाग में जानते हैं कि क्या ओट्स चावल से बेहतर हैं।

क्या बच्चों के लिए ओट्स, चावल से बेहतर हैं?

हां, बच्चों के लिए ओट्स का सेवन चावल से बेहतर हो सकता है, क्योंकि सफेद चावल को रिफाइन्ड किया जाता है, जिस कारण उसमें मौजूद पोषक तत्व और फाइबर काफी हद तक बाहर निकल जाते हैं। वहीं, अनरिफाइंड ग्रेन जैसे ओट्स में मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं। साथ ही ओट्स में फाइबर भी मौजूद होता है, जो आपके शिशु के पाचन तंत्र को बेहतरीन रूप से कार्य करने में मदद कर सकता है (17)

नीचे आपको ओट्स के चयन और सुरक्षित रखने की विधि के बारे में बताया जा रहा है।

बच्चों के लिए ओट्स का चयन और स्टोर कैसे करें?

सबसे जरूरी बात यह कि बच्चों के लिए बिना शुगर वाले ओट्स का चुनाव करना चाहिए। इसके अलावा, जरूरी बातों के बारे में नीचे बताया जा रहा है (18):

चयन कैसे करें:

  • स्टोर में जाकर आप स्टील-कट ओट्स वाले ओट्स या फिर खासतौर पर शिशु के लिए तैयार किए गए ओट्स का चयन करें।
  • ओट्स का चयन करते समय, यह ध्यान दें कि इसमें शुगर व नमक आदि न मिला हो।
  • इसकी पैकेजिंग पर लिखी गई एक्सपायरी डेट को जरूर चेक कर लें।
  • साथ में यह भी जांच करें कि क्या इसे खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग, भारत (FSSAI) की ओर से अनुमति प्राप्त है या नहीं।

स्टोर कैसे करें:

  • ओट्स को हमेशा एयरटाइट कंटेनर में रखकर सूखी जगह पर स्टोर करें।
  • ओट्स को हमेशा ढककर रखें, वरना ये खराब हो सकते हैं।
  • स्टोर करने वाली जगह पर कीट या संक्रमण से बचने के लिए कीटनाशक का प्रयोग न करें, यह बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • ओट्स को हमेशा कम मात्रा में ही खरीदें।

आइए, अब बच्चों के लिए ओट्स रेसिपी के बारे में जानते हैं।

बच्चों के लिए ओट्स रेसिपी | Baccho Ke Liye Oats Kaise Banaye

1. ओट्स दलिया

Oats Oatmeal

सामग्री:

  • आधा कप ओट्स
  • पानी (आवश्यकतानुसार)

बनाने की विधि:

  • पानी को पैन में डालकर उबाल लें।
  • फिर ओट्स को पानी में डालकर धीरे-धीरे मिलाएं।
  • इसे अच्छे से पकने दें।
  • बीच-बीच में इसे चलाते रहें, ताकि यह बर्तन की तली में न लग जाए।
  • पकने के बाद इसे ठंडा होने दें और फिर उसके बाद सर्व करें।
  • आप ओट्स दलिया तैयार करने के लिए फॉर्मूला दूध (आवश्यकतानुसार) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। मिला सकते हैं। साथ ही स्वाद के लिए इसमें एक चुटकी हरी इलायची (पाउडर) मिला सकते हैं।

2. ओटमील

Oatmeal2

सामग्री:

  • 15 ग्राम दलिया
  • 1/2 कप पानी
  • 150 मिली दूध
  • कटा हुआ आधा सेब
  • पकी हुई आधी नाशपाती
  • 4 सूखी खुबानी (छोटे टुकड़ों में कटी हुई)

बनाने की विधि:

  • एक पैन में पानी डालकर उसे उबाल लें।
  • पानी उबलने पर इसमें सेब व नाशपाती को बारीक पीसकर डाल दें।
  • अब एक कटोरे में ओट्स और दूध मिला लें।
  • फिर इसे भी मिश्रण में मिला दें।
  • अब इसे कम आंच पर रखकर उबाला आने दें।
  • बीच-बीच में इसे चलाते रहें और कम से कम 5-7 मिनट के लिए उबलने दें।
  • अब इसे उतारकर ठंडा होने दें और फिर अपने बच्चे को खिलाएं।

इस लेख में अभी आपने पढ़ा और जाना कि कैसे अपने शिशु के स्वस्थ विकास के लिए ओट्स का सेवन करवाया जा सकता है। साथ ही इससे बच्चों को होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया गया। बेशक, ओट्स शिशु के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन तभी जब इसका सेवन सीमित मात्रा में कराया जाए। ओट्स के संबंध में किसी अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए अपने सवाल हम तक पहुंचा सकते हैं। साथ ही अगर आप भी बच्चों के लिए कोई हेल्दी ओट्स रेसिपी जानते हैं, तो उसे अन्य पाठकों के लिए यहां शेयर कर सकते हैं।

संदर्भ (References):

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